
मौदहा से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर, 29 जुलाई। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल के निर्देशों के क्रम में शासकीय कार्यप्रणाली को अधिक कुशल, पारदर्शी एवं जनमुखी बनाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार, हमीरपुर में जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए व्यक्तिगत विकास विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में “तनाव प्रबंधन—काम के दबाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना” विषय पर विशेषज्ञ प्रशिक्षक डॉ. नीता (साइकोथैरेपिस्ट) द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. नीता ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते कार्यभार, समयबद्ध दायित्वों, जनअपेक्षाओं, पारिवारिक जिम्मेदारियों तथा बदलती जीवनशैली के कारण तनाव जीवन का सामान्य हिस्सा बन गया है। यदि तनाव का समय रहते उचित प्रबंधन न किया जाए तो यह व्यक्ति की कार्यक्षमता, निर्णय लेने की क्षमता, शारीरिक स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए तनाव को पहचानना, स्वीकार करना तथा वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक तरीकों से उसका प्रभावी प्रबंधन करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने प्रतिभागियों को तनाव के शारीरिक एवं मानसिक लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि समय प्रबंधन, कार्यों की प्राथमिकता तय करना, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, सकारात्मक सोच, ध्यान एवं श्वास अभ्यास, माइंडफुलनेस तथा कार्य-जीवन संतुलन जैसी सरल आदतें तनाव को काफी हद तक कम कर सकती हैं। प्रशिक्षण के दौरान गहरी श्वास (Deep Breathing) एवं मानसिक एकाग्रता के व्यावहारिक अभ्यास भी कराए गए तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षक ने प्रतिभागियों को भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन “टेली-मानस (Tele-MANAS)” के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह हेल्पलाइन 10 अक्टूबर 2022 से केंद्र एवं राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं सेवाओं को प्रत्येक नागरिक तक सहज रूप से पहुँचाना है। इस सेवा का लाभ टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 अथवा 1800-891-4416 पर कॉल करके पूरी तरह निःशुल्क एवं गोपनीय तरीके से प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि टेली-मानस के माध्यम से तनाव, एंग्जायटी, डिप्रेशन, बाइपोलर डिसऑर्डर, ओसीडी (OCD) सहित विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, शराब, तंबाकू, अफीम, चरस, गांजा, भांग एवं मोबाइल/डिजिटल लत जैसी व्यसनों, बच्चों एवं युवाओं के करियर, परीक्षा एवं अध्ययन से जुड़े मानसिक तनाव, आत्महत्या के विचारों से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए तत्काल मनोसामाजिक सहायता, तथा व्यक्तिगत एवं पारिवारिक परामर्श जैसी सेवाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि यदि स्वयं अथवा उनके परिवार या परिचितों में कोई मानसिक तनाव या मनोवैज्ञानिक समस्या से जूझ रहा हो, तो बिना किसी संकोच के टेली-मानस हेल्पलाइन का उपयोग करें, क्योंकि समय पर परामर्श मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो सकता है।
कार्यक्रम में डीसी मनरेगा राघवेंद्र सिंह, जिला मिशन प्रबंधक (डीसी-एनआरएलएम) ज्ञान प्रकाश, जिला क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. निरेन्द्र बहादुर सिंह, डिप्टी आरएमओ घनश्याम वर्मा,जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर तथा जिला प्रशिक्षण अधिकारी संदीप कुमार, जिला सूचना अधिकारी सतीश कुमार सहित जनपद के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने, कार्यकुशलता बढ़ाने तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा प्राप्त हुई। प्रशिक्षण का मुख्य संदेश रहा कि “स्वस्थ मन ही प्रभावी, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी प्रशासन की आधारशिला है।”

